शंख का स्वास्थय में, धर्म में, ज्योतिष में उपयोग

भारतीय संस्कृति एवं हिन्दू धर्म में शंख  को महत्त्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। हिन्दू धर्म में पूजन स्थल पर शंख (Conch) रखने की परंपरा है, क्योंकि शंख को सनातन धर्म का प्रतीक माना जाता है। शंख निधि (धन वैभव) का प्रतीक भी माना गया है। ऐसा माना जाता है कि इस मंगलचिह्न को घर के पूजास्थल या मंदिर में रखने से अनिष्टों एवं अरिष्टों का नाश होता है और सौभाग्य में वृद्धि होती है।

धार्मिक कृत्यों में शंख (Conch) का उपयोग किया जाता है। अनुष्ठान-साधना, आरती, महायज्ञ, पूजा-आराधना एवं तांत्रिक क्रियाओं के साथ शंख का आयुर्वेदिक एवं वैज्ञानिक महत्त्व भी है। शंख का नाम लेते ही मन में पूजन और भक्ति की भावना आ जाती हैI शंख को सुख, यश, विजय, समृद्धि, कीर्ति तथा लक्ष्मी का प्रतीक भी माना गया है।

आइये जाने शंख का स्वास्थ्य में, धर्म में, ज्योतिष में उपयोग ~

  • शंख का स्वास्थ्य में महत्व :

(१) शंख की आकृति और पृथ्वी की संरचना समान है नासा के अनुसार- शंख बजाने से खगोलीय ऊर्जा का उत्सर्जन होता है, जो कीटाणु का नाश कर लोगो को ताक़त, शक्ति व् ऊर्जा का संचार करता है I

(२) शंख में 100% कैल्शियम है, इसमें पानी भर के पीने से कैल्शियम की पूर्ति होती है I

(३) शंख बजाने से योग की तीन क्रियाएं एक साथ होती है - कुम्भक, प्राणायाम, रेचक I

(४) शंख बजाने से रक्तचाप की अनियमितता, हृदयाघात, मंदाग्नि, दमा में लाभ होता है I

(५) शंख बजाने से फेफड़े मज़बूत होते है I

(६) शंख में पानी रख कर पीने से उत्तेजना काम होती है और मनोरोगी को भी लाभ होता है I

(७) शंख की ध्वनि से दिमाग व् स्नायु तंत्र सक्रिय रहता है I

  • शंख का धार्मिक महत्व :

(८) दक्षिणावर्ती शंख को लक्ष्मी स्वरुप कहा जाता है इसके बिना लक्ष्मीजी की आराधना पूरी नहीं मानी जाती है I

(९) समुन्द्र मंथन के दौरान १४ रत्नो में से ये एक रत्न है, सुख - सौभाग्य की वृद्धि के लिए इसे अपने घर में स्थापित करे I

(१०) शंख में दूध भर कर रुद्राभिषेक करने से समस्त पापो का नाश होता है I

(११) घर में शंख बजाने से अतृप्त आत्माओ का व् नकारात्मक ऊर्जा का वास नहीं होता I

(१२) दक्षिणावर्ती शंख से पितरो का तर्पण करने से पितरो की शांति होती है I

(१३) शंख से स्फटिक श्री यन्त्र अभिषेक करने से माता लक्ष्मी की प्राप्ति होती है I

  • शंख का ज्योतिष में महत्व :

(१४) शंख में चावल भर के रखे और लाल कपडे में लपेट कर तिजोरी में रखें माता अन्नपूर्णा की कृपा बानी रहती है I

(१५) सोमवार को शंख में दूध भरकर भगवान शिव जी को चढाने से चन्द्रमा ठीक होता हैI

(१६) मंगलवार को शंख बजा कर सुन्दर काण्ड पढ़ने से मंगल का दुष्प्रभाव काम होता हैI

(१७) बुधवार को शालिग्राम जी को शंख में तुलसी व शुद्ध जल डाल कर अभिषेक करने से बुध ग्रह ठीक होता हैI

(१८) शंख को केसर से तिलक कर पूजन करने से गुरु व् विष्णु की प्रसन्ता मिलती हैI

(१९) शंख सफ़ेद कपड़े में रखने से शुक्र ग्रह बलवान होता है I

(२) शंख में जल डाल कर भगवान सूर्ये देव को अर्घ्य देने से सूर्य देव प्रसन्न होते हैI

(२) शंख की पूजन करने से ऐश्वर्ये प्राप्त होता है I

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