ज्योतिष में शनि ग्रह के विशिष्ट योग (Saturn's specific yoga in astrology)

ज्योतिष के विशिष्ट ग्रंथ फलदीपिका के अनुसार ‘‘मृत्यु, भय, दु:ख,आयु, रोग, दरिद्रता, अपमान, दासता, विपत्ति, निन्दित कार्य, बदनामी, नीच लोगों से सहायता, कर्ज, लोहा, आलस, कृषि उपकरण तथा बंधन का विचार शनि ग्रह से होता है।“ अपने अशुभ कारकत्व के कारण इस ग्रह को पापी तथा अशुभ कहा जाता है। परंतु यह पूरी तरह सत्य नहीं है। तुला, वृष, मकर और कुंभ लग्न वाले जातक के लिए शनि ग्रह धन, ऐश्वर्यप्रद, व मीन लग्न में शुभकारी तथा अन्य लग्नों में वह अशुभ अथवा मिश्रित फल देता है।

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मंगलिक दोष (Manglik Dosha)

जातक के कुण्डली में जब प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम अथवा द्वादश भाव में मंगल गृह होता है तब मंगलिक दोष लगता है। इनमें से केवल आठवां और बारहवां भाव खराब माना जाता है। आठवें और बारहवें स्‍थान का मंगल शारीरिक क्षमताओं और आयु को प्रभावित करता है। मांगलिक दोष युक्त जन्मकुण्डली का सबसे ज्यादा असर जातक के विवाह  सम्बंन्ध इत्यादि पर पड़ता है। मांगलिक दोष को विवाह के लिए अशुभ माना जाता है

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Planet Mars in 9th House as per Vedic Astrology

Planet Mars is the chief warrior of 9 Planets in Vedic Astrology. Planet Mars rules over bravery, confidence, leadership and management abilities. Mars also gives the Natives great technical and mechanical abilities. When powerful in the Birth Chart, it can show a volatile anger and great courage. Planet Mars (Mangal Grah) in Astrology gives strength, energy, determination, determination, great administrative ability and a strong sense of purpose. The gemstone of Planet Mars is Red Coral. Planet Mars (Mangal) rules number 9 in Indian Numerology.


 

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भगवान शिव अभिषेक - हर बाधा की काट है शिव अभिषेक

भगवान शंकर एक ऐसे देवता है जो अपने भक्तों की उपासना से बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते है इस कारण से इन्हें भोलेनाथ कहा जाता है, शिवलिंग भगवान शिव का ऐसा मंगलयमय स्वरूप है जिसके उपासना एवं अभिषेक से जातक के कुंडली मे पीड़ित ग्रह शांत हो जाते हैं। ॐ नमः शिवाय.. सामान्य रूप से शिवलिंग का अभिषेक जल या गंगाजल से होता है, परंतु विशेष ग्रह की शांति के लिये अलग अलग सामग्री से अभिषेक करना चाहिए|

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Mars Transit 2017: Mars in Aries (Mesh)

Mars is transiting in the Aries (Mesh) Sign from 2nd March, 2017 to 13th April, 2017. After that it will be entering the Astrology Zodiac Sign of Taurus (Vrishabha). The move will bring in huge changes in every Zodiac signs, which are sure to be either malefic or benefic.

Planet Mars and the Spiritual relation

Planet Mars in Vedic Astrology signifies strength, energy, initiative, independence, courage, determination, endurance, ambition, power, enthusiasm, willpower, and many other qualities. The arbitrary Planet, Mars (Mangal) mainly governs the determination and ambition stocked in us. Mars denotes the Muladhar Chakra (Root Chakra) and also signifies the Pruthvi Chakra, which is a primary chakra in our body. Some other names of Planet Mars are Mangal, Bhumiputra, Angaraka and Kuja.

Expect a Lot of Changes while Mars Transit in Aries

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